सावन विशेष: विवाहित होकर भी श्मशान में वास क्यों करते हैं भगवान शिव?
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Why Lord Shiva lives in Shmshan

भगवान शिव की महिमा अपरंपार है। वे गले में नाग को धारण करते हैं। भांग और धतूरा उन्हें प्रिय है। वे ऐसे देवता हैं, जिनकी कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि आती है, परिवार फलता-फूलता है, फिर भी उनका वास श्मशान में होता है।

शिवमहिमा स्तोत्र में एक श्लोक भी है- ‘श्मशानेष्वाक्रीड़ा स्मरहर पिशाचाः सहचराः।’ इसका अर्थ है कि श्मशान में आप निवास करते हैं और भूत-प्रेत आपके मित्र हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों भगवान शिव को विवाहित होने के बावजूद श्मशान में रहना पसंद है? भगवान शिव वास्तव में श्मशान में रहकर एक बहुत बड़ा संदेश देते हैं, जिन्हें जीवन में यदि हम उतार लें तो हमारा जीवन वाकई धन्य हो जाए।

वैराग्य का प्रतीक

मोह-माया इस संसार का अभिन्न हिस्सा है, जिनसे हममें से हर कोई घिरा रहता है। वहीं यदि श्मशान को देखें तो यह वैराग्य के प्रतीक के रूप में नजर आता है। भगवान शिव दरअसल संदेश यह देते हैं कि संसार में रहना अच्छा है, क्योंकि अपने कर्तव्य पथ पर आप यहीं अग्रसर होते हैं और अपने कर्तव्यों के निर्वहन से बड़ा जीवन में कुछ भी नहीं, मगर साथ में कर्तव्यों को निभाते वक्त सांसारिक मोह-माया से भी खुद को दूर रखना जरूरी है, क्योंकि बाकी सारी चीजें नश्वर हैं।

श्मशान में रहकर भगवान शिव संदेश यही देते हैं कि संसार में रहकर भी मोह-माया से खुद को रखना और अपने दायित्वों को निभाते हुए भी एक वैरागी की तरह आचरण करना बहुत ही जरूरी है। तभी इस जीवन का उद्देश्य पूरा हो पाता है।

श्मशान का अर्थ

श्मशान शब्द को आप देखें तो पाएंगे कि यह श्म और शान दो शब्दों से मिलकर बना है। श्म का अर्थ होता है शव यानी कि लाश। वहीं, शान का अर्थ शयन है यानी कि बिस्तर।

भगवान भोलेनाथ श्मशान में रहकर वास्तव में संदेश देते हैं कि काया नश्वर है और श्मशान ही वह जगह है, जहां आत्मा शरीर से मुक्त हो जाती है। मोह-माया से पूरी तरह से दूर होता है यह स्थान। इसी वजह से भगवान शिव का श्मशान पसंदीदा निवास रहा है।

माता पार्वती को बताया था भगवान शिव ने

एक बार माता पार्वती ने भी भगवान महादेव से यह सवाल किया था कि श्मशान में बसना उन्हें इतना प्रिय क्यों है, तो उन्होंने कहा था कि राम नाम मुझे बहुत ही प्रिय है और श्मशान में जो लोग शव को लेकर आते हैं, वे राम का नाम लेते हैं। इन शवों की वजह से लोग राम का नाम लेते हैं। इस वजह से इनका मैं पूरा सम्मान करता हूं।

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