महात्मा विदुर के अनुसार छात्रों को इन 7 अवगुणों से हमेशा रहना चाहिए दूर
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Students should stay away from these 7 demerits

महाभारत काल में महात्मा विदुर के नीतिवचन आज भी प्रासंगिक हैं और मानवता की अनमोल धरोहर हैं। उनके बताए रास्ते पर अमल करके आज भी मनु्ष्य महान बन सकता है। तो आइए, इस लेख में हम आपको बताते हैं कि महात्मा विदुर ने विद्यार्थियों को किन 7 अवगुणों से दूर रहने के लिए कहा है।

महात्मा विदुर ने कहा है-

आलस्यं मदमोहौ च चापलं गोष्ठिरेव च।

स्तब्धता चाभिमानित्वं तथा त्यागित्वमेव च।

एते वै सप्त दोषाः स्युः सदा विद्यार्थिनां मताः।।

अर्थात विद्यार्थियों को इन 7 अवगुणों से दूर रहना चाहिए-

  1. आलस्य
  2. नशा
  3. चित्त की अस्थिरता
  4. गप्पी स्वभाव
  5. जल्दबाजी में कोई काम करना
  6. अहंकार
  7. लालच

महात्मा विदुर के मुताबिक उपरोक्त 7 अवगुणों से ग्रस्त विद्यार्थी कभी सफल नहीं हो सकते। इसलिए मेधावी छात्रों को निरंतर प्रयास करके अपने भीतर इन 7 दुर्गुणों को पनपने से रोकना चाहिए। उनके माता, पिता और गुरू को भी चाहिए कि वे उन्हें इन अवगुणों से सावधान करते रहें।

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