कोरोना के खतरे से बचने के लिए क्या करें बुजुर्ग? ये रहे सभी सवालों के जवाब
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कोरोना क्विक अपडेट

  • स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक कोरोना के 76,51,107 केस कन्फर्म हो चुके हैं, जिनमें 7,40,090 एक्टिव केस हैं, 67,95,103  लोग ठीक हो चुके हैं और 1,15,914 की मृत्यु हो चुकी है।
  • वेबसाइट वर्ल्डमीटर्स.इनफो के मुताबिक, भारत कोरोना से मृत्यु के मामले में अमेरका और ब्राजील के बाद तीसरे स्थान पर है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना से पूरी दुनिया के 235 देशों और इलाकों में अब तक 4,02,51,950 लोग संक्रमित हुए हैं और 11,16,131 लोग दम तोड़ चुके हैं।
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What should the older adults do to avoid the risk of COVID-19?

WHO के मुताबिक, अब तक कोविड-19 से दुनिया भर में जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें 95 प्रतिशत वे लोग हैं, जिनकी उम्र 60 साल या इससे अधिक की थी। ऐसे में यहां हम आपको WHO और CDC द्वारा जारी किये गये दिशा-निर्देशों के मुताबिक बता रहे हैं कि बुजुर्गों को कोरोना वायरस के संक्रमण से अपना बचाव कैसे करना चाहिए।

COVID-19 के संक्रमण की जद में होने पर नजर आएंगे ये लक्षण

  • तबीयत हल्की खराब हो सकती है, जैसे कि सर्दी-खांसी और बुखार आना।
  • स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानी भी हो सकती है जैसे कि खांसी का न रुकना और सांस लेने में तकलीफ होने लगना।
  • लक्षण नजर आने में संक्रमण के बाद 2 से 14 दिनों का वक्त लग सकता है।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए क्या करें बुजुर्ग?

  • घर पर ही रहें।
  • थोड़े-थोड़े अंतराल पर अपने हाथों को अच्छी तरह से धोते रहें।
  • बीमार लोगों से 6 फीट की दूरी पर रहें यानी कि दो हाथ की दूरी पर।
  • जिस चीज को छूते हैं, उन्हें बार-बार साफ करते रहें और कीटाणुरहित भी करते रहें।
  • यदि आप बीमारी हो गये हैं या कोविड-19 का शक है, तो तत्काल अपने डाॅक्टर से फोन पर संपर्क करें।

कोरोना वायरस को लेकर बने दबाव का सामना करने के लिए क्या करें बुजुर्ग?

जब यह बात साफ हो चुकी है कि कोरोना वायरस का सर्वाधिक खतरा बुजुर्गों को है और यह महामारी भी लगातार बढ़ती ही जा रही है, तो ऐसे में बुजुर्गों का चिंतित होना स्वाभाविक है। उनके दिमाग पर इसकी वजह से दबाव भी बन रहा है। ऐसे में यहां बताये गये तरीकों से वे अपने दिमाग पर बने दबाव को कम कर सकते हैं और चिंता से छुटकारा पा सकते हैं।

  • सोशल मीडिया पर आने वाले समाचारों को पढ़ने, देखने और सुनने से बचें। बार-बार महामारी के बारे में सुनने से उदासी घेर सकती है।
  • अपने शरीर का पूरा ख्याल रखें।
  • गहरी सांस लिया करें।
  • स्ट्रेचिंग किया करें।
  • ध्यान लगाएं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • संतुलित आहार लें।
  • अल्कोहल और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें।
  • दिमाग को कुछ-न-कुछ गतिविधियों में उलझा कर रखें।
  • जिन लोगों पर भरोसा अधिक हो और जिन्हें आपकी भावनाओं की कद्र हो, उनसे बातचीत करते रहें।
  • मानसिक दबाव अधिक होने की सूरत में अपने डाॅक्टर या संबंधित स्वास्थ्यकर्मी से बात करें।
  • पूरी नींद लिया करें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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