कोरोना संकट के दौरान बीमार पड़ जाएं तो क्या करें?
कृपया इसे शेयर करें ताकि अधिक लोग लाभ उठा सकें

कोरोना क्विक अपडेट

  • स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक कोरोना के 76,51,107 केस कन्फर्म हो चुके हैं, जिनमें 7,40,090 एक्टिव केस हैं, 67,95,103  लोग ठीक हो चुके हैं और 1,15,914 की मृत्यु हो चुकी है।
  • वेबसाइट वर्ल्डमीटर्स.इनफो के मुताबिक, भारत कोरोना से मृत्यु के मामले में अमेरका और ब्राजील के बाद तीसरे स्थान पर है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना से पूरी दुनिया के 235 देशों और इलाकों में अब तक 4,02,51,950 लोग संक्रमित हुए हैं और 11,16,131 लोग दम तोड़ चुके हैं।
  • कोरोना के बारे में अफवाहों से बचने और पल-पल की सही जानकारी व ख़बरें प्राप्त करने के लिए जुड़े रहें https://tanman.org/ के साथ।

What to do if you are sick during corona outbreak

कोरोना महामारी (coronavirus) का दंश पूरी दुनिया झेल रही है। यह महामारी किसी को नहीं छोड़ रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री तक के इसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ गई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि कोरोना संकटकाल में आप बीमार पड़ गये हैं तो आपको क्या करना चाहिए?

यहां हम आपके इसी सवाल का जवाब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और सेंटर फाॅर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंटेशन (CDC) की ओर से लेकर आये हैं।

मेडिकल सेवा प्राप्त करने के अलावा घर में ही रहें (Stay home except to get medical care)

  • COVID-19 के शिकार बहुत से लोग हल्के बीमार पड़ते हैं और उन्हें मेडिकल केयर की ज़रूरत भी नहीं पड़ती है। वे घर पर ही रहकर वे ठीक हो जाते हैं। फिर भी अगर मेडिकल सहायता चाहिए, तभी घर से निकलें, वरना नहीं निकलें। सार्वजनिक जगहों पर जाने की जरूरत नहीं है।
  • मेडिकल केयर प्राप्त करने से पहले अपने डाॅक्टर से फोन पर बात जरूर कर लें। सांस लेने में आपको यदि तकलीफ है, या फिर कोई इमरजेंसी है, तभी मेडिकल केयर प्राप्त करने का प्रयास करें।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे कि टैक्सी, ऑटो रिक्शा (taxi, Auto rickshaw) आदि का इस्तेमाल करने से बचें।

घर के अन्य लोगों व पालतू जानवरों से खुद को दूर कर लें (Separate yourself from other people and pets in your home, this is known as home isolation)

  • तबीयत ठीक नहीं है तो घर के लोगों से दूर किसी अलग कमरे में रहें।
  • पालतू जानवरों से भी दूर रहें।
  • उपलब्ध हो तो अलग बाथरूम का प्रयोग करें।

डाॅक्टर के पास जाने से पहले फोन जरूर कर लें (Call ahead before visiting your doctor)

  • कई डाॅक्टर रूटीन चेकअप को पोस्टपोन कर रहे हैं या फिर फोन पर ही सलाह दे रहे हैं।
  • यदि आपको लग रहा है कि आपकी समस्या गंभीर है या फिर कोविड-19 का शक है, तो आपको अपने डाॅक्टर के हाॅस्पीटल/क्लिनिक में काॅल करके मदद मांगनी चाहिए। इससे हाॅस्पीटल को खुद को और दूसरे मरीजों को बचाने में मदद मिलेगी।

यदि आप बीमार हैं तो अपने नाक और मुंह को किसी कपड़े से ढंक लें (If you are sick wear a cloth covering over your nose and mouth)

  • आपको अपने नाक और मुंह को किसी भी साफ कपड़े से अच्छी तरह से कवर कर लेना चाहिए, यदि आप घर में या फिर बाहर लोगों के बीच में हैं।
  • कोविड-19 महामारी के वक्त मेडिकल ग्रेड मास्क की डाॅक्टरों और चिकित्साकर्मियों को अधिक आवश्यकता है। इन्हें आप कृपया उन्हीं के लिए रहने दें। आप किसी गमछे, तौलिया, कपड़ा, दुपट्टा आदि से अपने मुंह को ढंक लें।

अपनी खांसी और बहती नाक को भी ढकें (Cover your coughs and sneezes)

  • जब आप खांस रहे हों या छींक रहे हों तो किसी टिश्यू से अपने मुंह और नाक को कवर कर लें।
  • डस्टबीन में इस टिश्यू को फेंकें।
  • इसके तुरंत बाद साबुन या हैंड वाश से हाथों को 20 सेकेंड तक रगड़कर अच्छी तरह से धो लें।
  • ये उपलब्ध न हों तो ऐसे सैनिटाइजर को हाथों में रगड़ लें, जिसमें अल्कोहल की मात्रा 60 फीसदी तक हो।

हाथों को लगातार धोते रहें (Clean your hands often)

  • खाने से पहले या भोजन बनाने से पहले हाथों को धो लें।
  • खांसने, छींकने के बाद भी हाथों को धोएं।
  • हाथ गंदे दिख रहें तो साबुन या हैंड वाश से धो लेना सैनिटाइजर लगाने से ज्यादा प्रभावी होगा।
  • आंख, नाक और कान को बिना हाथ धोए छूने से बचें।

घर में अपनी व्यक्तिगत चीजों को किसी और से शेयर करने से बचें (Avoid sharing personal household items)

  • अपना बर्तन, पानी पीने का गिलास, कप, तौलिया, चादर व भोजन तक किसी और से शेयर न करें।
  • हर चीज को इस्तेमाल करने के बाद अच्छी तरह से साबुन या सर्फ से धो लें।

सभी high-touch सतहों को रोजाना साफ करते रहें (Clean all “high-touch” surfaces everyday)

  • बाथरूम, काॅमनरूम और बेडरूम की सफाई नियमित रूप से करें।
  • रिमोट कंट्रोल, कीबोर्ड, बाथरूम की चीजों, टैबलेट, मोबाइल फोन, माउस आदि की सफाई करते रहें।
  • किसी कैसे साफ करना है, उसके बारे में कोई कन्फ्यूजन होने पर पढ़ भी लें।

अपने लक्षणों का संज्ञान लेते रहें (Monitor your symptoms)

  • अपने लक्षणों का ध्यान रखें और यदि ये गंभीर हों तो डाॅक्टर से सलाह जरूर लें।
  • देख लें कि कहीं आपको सांस लेने में तकलीफ तो नहीं शुरू हो गई है।
  • लक्षण दिखने पर तुरंत सभी से 6 फीट की दूरी बनाना शुरू कर दें।
  • डाॅक्टर या हाॅस्पीटल फोन पर जो बताएं, आगे वैसा ही करें।

कब जाएं डाॅक्टर के पास? (When to Seek Medical Attention)

  • जब सांस लेना मुश्किल होने लगे।
  • हृदय में लगातार दर्द महसूस हो और दबााव महसूस होने लगे।
  • कन्फ्यूजन अधिक होने लगे और उठने में भी दिक्कत होने लगे।
  • होठ और चेहरा पीला पड़ने लगे।
  • तेज बुखार आ जाए या अन्य कोई गंभीर लक्षण उभरने लगे।

होम आइसोलेशन से बाहर कब निकलें? (How to discontinue home isolation)

  • जब पिछले 72 घंटे से लगातार आपको बुखार न आया हो।
  • खांसी दूर हो गई हो। सांस लेने में भी तकलीफ न हो रही हो।
  • लक्षण अंतिम बार दिखे कम-से-कम सात दिनों का वक्त बीत चुका हो।
  • बिना दवाई लिए आपको बुखार न आ रहा हो।
  • 24 घंटे के अंतर पर लगातार दो रिपोर्ट आपकी निगेटिव आ जाए।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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