कोरोना वायरस से बचने के लिए आयुर्वेदिक परंपरा में बताई गई टॉप 17 सावधानियां और उपचार
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कोरोना क्विक अपडेट

  • स्वास्थ्य मंत्रालय के 15 मई 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अभी कोरोना के 3673802 एक्टिव केस हैं, 20432898 लोग ठीक हो चुके हैं और 266207 की मृत्यु हो चुकी है।
  • वेबसाइट वर्ल्डमीटर्स.इनफो के मुताबिक, भारत कोरोना से मृत्यु के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्थान पर है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना से पूरी दुनिया में अब तक 16,15,13,458 लोग संक्रमित हुए हैं और 33,52,109 लोग दम तोड़ चुके हैं।
  • कोरोना के बारे में अफवाहों से बचने और पल-पल की सही जानकारी व ख़बरें प्राप्त करने के लिए जुड़े रहें https://tanman.org/ के साथ।

Top 17 precautions and treatment to avoid corona virus

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की मानें तो आयुर्वेदिक चिकित्सा परंपराओं का पालन करके कोरोना वायरस के खतरे से अपना बचाव किया जा सकता है। आयुष मंत्रालय के तहत काम करने वाली विभिन्न अनुसंधान परिषदों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारतीय पारंपरिक औषधि प्रणालियों – आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पर आधारित एडवायजरी जारी की है।

यहां हम आपको आयुर्वेदिक चिकित्सा परम्परा के मुताबिक जारी एडवायजरी के बारे में बता रहे हैं। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, आयुर्वेदिक परंपराओं के अनुसार, कोरोना वायरस के रोकथाम प्रबंधन के लिए निम्नलिखित 17 उपाय सुझाए गए हैं–

  1. व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें।
  2. साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकैंड तक धोएं।
  3. कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोएं।
  4. शदांग पनिया (मुस्ता, परपाट, उशीर, चंदन, उडिच्य़ा और नागर) प्रसंस्कृत पानी (1 लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डाल कर उबालें, जब तक यह आधा तक कम न हो जाए) पी लें। इसे एक बोतल में स्टोर करें और प्यास लगने पर पिएं।
  5. बिना धोए हाथों से अपनी आँखें, नाक और मुँह छूने से बचें।
  6. जो लोग बीमार हैं उनसे निकट संपर्क से बचें।
  7. बीमार होने पर घर पर रहें।
  8. खांसी या छींक के दौरान अपना चेहरा ढंक लें और खांसने या छींकने के बाद अपने हाथों को धो लें।
  9. अक्सर छुई गए वस्तुओं और सतहों को साफ करें।
  10. संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय या काम करते समय एक एन95 मास्क का उपयोग करें।
  11. यदि आपको कोरोना वायरल संक्रमण का संदेह है, तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
  12. आयुर्वेदिक प्रथाओं के अनुसार रोगनिरोधी उपाय / इम्यूनोमॉड्यूलेटरी ड्रग्स।
  13. स्वस्थ आहार और जीवन शैली के माध्यम से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उपाय किए जाएंगे।
  14. अगस्त्य हरितकी 5 ग्राम, दिन में दो बार गर्म पानी के साथ।
  15. शेषमणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार।
  16. त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर 5 ग्राम और तुलसी 3-5 पत्तियां (1-लीटर पानी में उबालें, जब तक यह ½ लीटर तक कम नहीं हो जाता है और इसे एक बोतल में रख लें) इसे आवश्यकतानुसार और जब चाहे तब घूंट में लेते रहें।
  17. प्रतिमार्स नास्य : प्रत्येक नथुने में प्रतिदिन सुबह अनु तेल / तिल के तेल की दो बूंदें डालें।

* * * उपरोक्त सलाह केवल सूचना के लिए हैं और इन्हें केवल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सकों के परामर्श से ही अपनाया जाना चाहिए : आयुष मंत्रालय, भारत सरकार

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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