फेफड़ों को मज़बूत बनाता है मयूरासन, जानें इसे करने का तरीका, सावधानियां और फायदे
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Mayurasana steps, precautions and benefits in Hindi

प्राचीन समय से ही मयूरासन का बड़ा महत्व रहा है, क्योंकि यह आसन आपको नई ऊर्जा से भर देता है। मयूरासन में दरअसल सेहत के लिए बहुत से लाभ छिपे हुए हैं। नियमित तौर पर यदि आप मयूरासन करते हैं तो इससे आपका स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है। तो चलिए, जानते हैं मयूरासन के बारे में विस्तार से।

कैसे करें मयूरासन? (How to practice Mayurasana)

Step 1

  • योग करने के लिए अपना आसन बिछा लें।
  • घुटने के बल आपको बैठ जाना है।
  • आगे झुककर अपने हाथों को जमीन पर रखें।
  • आपके हाथों की उंगलियां आपके पैरों की ओर होनी चाहिए।

Step 2

  • कोहनियों को अब आपको मोड़ लेना है।
  • शरीर को अपनी ऊपरी बाहों पर टिकाना है।
  • कंधे को आपको पीछे की ओर रखना है, ताकि चोट से ये बच सकें।
  • शरीर में खिंचाव बनाये रखें और आगे की ओर झुकते वक्त पैरों को पीछे की ओर खींचते रहें।

Step 3

  • शरीर को सीधा रखने का पूरा प्रयास करें, ताकि आपके शरीर का संतुलन बना रहे।
  • आधा मिनट के लिए आपको इस मुद्रा में बने रहना है।
  • अब धीरे-धीरे आपको जमीन पर लेट जाना है।
  • तीन से चार बार आपको इसका अभ्यास करना चाहिए।

मयूरासन से मिलने वाले लाभ (Benefits of Mayurasana)

  1. पेट में रक्त का परिसंचरण बढ़ने से पाचन बढ़िया बना रहता है।
  2. कब्ज को दूर करता है।
  3. एसिडिटी की समस्या दूर होती है।
  4. जी मिचलाने की शिकायत नहीं होती है।
  5. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है।
  6. फेफड़ों को मजबूत बनाता है।
  7. आंखों से चश्मे को भी उतार सकता है।
  8. हड्डियों को मजबूत बनाता है।
  9. रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।
  10. गर्दन का दर्द दूर होता है।
  11. कंधे मजबूत होते हैं। हाथों और भुजाओं में भी ताकत आती है।
  12. एब्डोमिनल मसल्स के सिकुड़ने से फैट कम होता है।
  13. मूत्राशय से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं।
  14. पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ाता है।
  15. मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को घटाने में मददगार होता है।
  16. अमाशय, यकृत और लिवर को सक्रिय कर देता है।
  17. मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाता है।
  18. आलस्य मिटने लगता है।
  19. चेहरे पर चमक आती है।
  20. कील-मुंहासे दूर होते हैं।
  21. त्वचा से दाग-धब्बे हटते हैं।

मयूरासन करते वक्त बरतें ये सावधानियां (Cautions during Mayurasana)

  1. खाली पेट में ही करें मयूरासन।
  2. भोजन के तुरंत बाद इसे भूलकर भी न करें।
  3. मयूरासन करने का सर्वोत्तम वक्त सुबह का है।
  4. जमीन पर इसे करने की बजाय दरी या कालीन बिछाकर करें, ताकि गिरने की स्थिति में चोट न लगे।
  5. दर्द का यदि अनुभव हो तो इसे रोक दें।

इन्हें नहीं करना चाहिए मयूरासन (Who should not practice Mayurasana)

  1. गर्भवती महिलाओं को।
  2. जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हो।
  3. जो हृदय रोग से पीड़ित हों।
  4. पेप्टिक अल्सर के शिकार लोगों को।
  5. हर्निया के मरीजों को।
  6. टीबी के मरीजों को।
  7. सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित लोगों को।
  8. जिनकी कलाई या कोहनी चोटिल हो।
  9. जिनकी पेट की सर्जरी हुई हो।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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