रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है हलासन, जानें इसे करने का तरीका, सावधानियां और टॉप 15 फायदे
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Halasana steps, precautions and benefits in Hindi

यदि आप अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना लें, तो कोई भी बीमारी या वायरस आप पर आसानी से अटैक नहीं कर पाएगी। और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए योगासन और प्राणायाम बेहद जरूरी है। आज हम आपको ऐसे ही एक महत्वपूर्ण योगासन हलासन के बारे में बता रहे हैं, जिसे करने से आपकी इम्युनिटी तो मजबूत होती ही है, अन्य कई फायदे भी होते हैं।

कब करें हलासन? (When to practice Halasana)

  • सुबह के वक्त खाली पेट इसे करें।
  • शाम में भी इसे कर सकते हैं, मगर इससे पहले शौच हो लें और भोजन भी एक घंटे पहले कर लें।

कैसे करें हलासन? (How to practice Halasana)

Step 1

  • पीठ के बल लेट जाएं।
  • हाथों को शरीर के बगल में जमीन पर ही रखें।
  • सांस खींचते हुए दोनों पैरों को अपने सीधा ऊपर उठा लें।
  • बिल्कुल 90 डिग्री का कोण बनाएं।
  • हाथों से कमर को सहारा दें।

Step 2

  • अब पैरों की सिर की ओर झुकाएं।
  • सिर के पीछे पैरों को ले जाने की कोशिश करें।
  • पैरों के अंगूठे जमीन को छूने चाहिए।
  • हाथों को अब कमर से ले हटा लें और जमीन पर रख दें, जिसमें कि हथेलियां जमीन की तरफ रहेंगी।

Step 3

  • आपको 30 सेकेंड से एक मिनट इसी स्थिति में रहना है।
  • सांसों पर अपने ध्यान को केंद्रित करें।

Step 4

  • अब पैरों को धीरे-धीरे वापस उठाते हुए सीधा करें।
  • सांस छोड़ते रहें।
  • इस तरह से वापस पैरों को जमीन पर ही लिटा दें और सामान्य स्थिति में लौट जाएं।

हलासन से मिलने वाले लाभ (Benefits of Halasana)

  1. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity power) को मजबूत बनाता है।
  2. साइनोसाइटिस की समस्या दूर करता है।
  3. सांसों की गति को स्थिर करता है।
  4. पीठ की मांसपेशियों में मजबूती आती है और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।
  5. गर्दन और कंधे मजबूत होते हैं।
  6. कमर दर्द में आराम मिलता है।
  7. थायराॅइड ग्रंथि उत्तेजित होती है, जिससे थायराॅइड से जुड़ी समस्याएं खत्म होती हैं।
  8. मजबूत बनता है पाचन तंत्र।
  9. शुगर लेवल नियंत्रण में आता है।
  10. दिमाग को शांति मिलती है।
  11. थकान और तनाव से छुटकारा मिलता है।
  12. नींद न आने की बीमारी इन्सोमनिया में आराम देता है।
  13. वजन कम करने में सहायक है।
  14. महिलाओं में बांझपन को दूर करता है।
  15. पुरुषों में नपुंसकता को खत्म करता है।

कब न करें हलासन? (When not to practice Halasana)

  • गर्दन में चोट होने पर।
  • दस्त होने पर।
  • सिर में दर्द होने पर।
  • हार्निया होने पर।
  • उच्च रक्तचाप होने पर।
  • गर्भवती महिलाएं न करें।
  • माहवारी होने पर।
  • अर्थराइटिस होने पर।
  • पीठ में दर्द होने पर।
  • दमा होने पर।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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