दस्त रोकने के लिए अपनाएं ये 12 आसान घरेलू उपाय और कुछ सावधानियां
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Top 12 Home remedies for Loose Motion

दस्त यानी कि लूस मोशन पेट से जुड़ी एक बहुत ही आम समस्या है, जिसका शिकार प्रायः लोग हो जाते हैं। हालांकि, इसे गंभीरता से लेना इसलिए जरूरी होता है, क्योंकि इसके कारण शरीर में न केवल पानी की कमी होने लगती है, बल्कि ऊर्जा भी घट जाती है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि दस्त के कारण क्या हैं और घरेलू तरीकों से आप किस तरह से इस पर काबू पा सकते हैं।

इन वजहों से होता है दस्त (Reasons behind Loose Motion)

  • वायरस या बैक्टीरिया की वजह से।
  • एंटीबायोटिक्स और कैंसर की दवाएं, जिनमें मैग्नीशियम की मौजूदगी होती है।
  • शराब का अधिक सेवन करने से।
  • पेट की सर्जरी के कारण।
  • पेट की बीमारी के कारण।
  • आंत की बीमारी की वजह से।
  • ऐसा भोजन करने से जो अपच कर दे जैसे कि जंक फूड और मसालेदार भोजन।
  • डायबिटीज के कारण।
  • उच्च रक्तचाप की वजह से।

कैसे पहचानें कि दस्त है? (Symptoms for Loose Motion)

  • दिन में तीन-चार यदि शौचालय जा रहे हैं।
  • मल बिल्कुल पानी की तरह आ रहा हो।
  • जी मिचला रहा हो।
  • कमजोरी महसूस हो रही हो।
  • पेट में ऐंठन के साथ दर्द भी हो रहा हो।
  • बुखार कभी-कभी आ जाता है।
  • बाथरूम जाने का बार-बार एहसास हो रहा हो।

दस्त रोकने के लिए टॉप 12 घरेलू उपाय (Top 12 Home remedies for Loose Motion)

(1) ओआरएस घोल से (ORS)

  • दस्त रोकने के लिए ओआरएस घोल एक बेहद कारगर घरेलू उपाय है।
  • ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेट सॉल्यूशन।
  • यह आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है, कमज़ोरी बढ़ने से रोकता है और ऊर्जा भी बनाए रखता है। इससे दस्त भी जल्दी रुक जाता है।
  • इसे बनाने के लिए एक लीटर पानी में आपको 6-7 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक डालकर मिला लेना चाहिए।
  • फिर दिन भर इसे थोड़ा थोड़ा पीते रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।

(2) दही से (Curd)

  • आंतों को स्वस्थ रखने में दही में पाये जाने वाले बैक्टीरिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • आपको भोजन करने के बाद एक कटोरी दही का सेवन करना चाहिए।
  • दिन में दो बार दही खा लेंगे तो आराम मिल जायेगा।

(3) नींबू पानी से (Lemon Water)

  • अम्लीय गुण और एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण नींबू में होते हैं, जिनसे संक्रमण की चपेट में आये आंतों को आराम मिलता है।
  • नींबू के रस में पीएच के स्तर को सामान्य करने की भी क्षमता होती है।
  • साथ ही दस्त के साथ शरीर से बाहर निकलने वाले मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे जरूरी खनिज की आपूर्ति भी नींबू से हो जाती है।
  • आधा नींबू लेकर एक गिलास पानी में निचोड़कर जरूरत के अनुसार चीनी मिलाकर पी जाएं।
  • हर दो घंटे पर ऐसा करें। जल्द आराम मिल जायेगा।

(4) मेथी के बीज से (Methi Seeds)

  • लूस मोशन के दौरान मेथी के बीज में मल को भारी बनाने की क्षमता होती है। ऐसा इसमें मौजूद म्यूसिलेज की वजह से होता है
  • पेट में फैला संक्रमण मेथी के बीज में मौजूद एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों की वजह से दूर होता है।
  • इसके लिए आपको दो चम्मच मेथी के बीज लेकर इन्हें करीब 20 मिनट तक पानी में भिंगो देना है और फिर इन्हें पीसकर एक गिलास पानी में मिलाकर पी लेना है।
  • दिन में दो से तीन बार आप इसे पीएंगे तो आपकी समस्या दूर हो जायेगी।

(5) नारियल पानी से (Coconut Water)

  • दस्त के कारण जो शरीर में ग्लूकोज और पानी एकदम कम हो जाते हैं, इनकी पूर्ति नारियल पानी करता है।
  • इस दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। ऐसे में नारियल पानी पीना लाभदायक होता है।
  • दिन में यदि आप एक-दो बार नारियल पानी पीते हैं तो लाभ मिलता है। एक हफ्ते तक आपको इसका सेवन करना चाहिए।

(6) जीरा पानी से (Jeera Water)

  • दस्त के दौरान जो बैक्टीरिया नुकसान पहुंचा रहे होते हैं, जीरा अपने एंटीसेप्टिक गुणों से उन पर हमला करके उन्हें मारने का काम करता है।
  • पाचन प्रक्रिया को भी यह सुचारू बना देता है।
  • केवल एक्यूट ही नहीं, बल्कि क्रोनिक डायरिया को भी दूर करने में जीरा पानी बेहद मददगार होता है।
  • इसके लिए आपको एक चम्मच जीरा लेकर इसे करीब 10 मिनट तक ठीक से गर्म कर लेना चाहिए और फिर ठंडा करके छानकर पी लेना चाहिए।
  • यदि आप दिन में तीन-चार बार इसे पी लेते हैं, तो आपको आराम मिल जायेगा।

(7) अदरक से (Ginger)

  • एंटीबैक्टीरियल के साथ एंटीइन्फ्लेमेंट्री गुण अदरक में होने की वजह से संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं को यह मारता है और आंतों को आराम पहुंचा देता है।
  • इसके लिए एक-दो चम्मच अदरक का रस लेकर इसमें आपको आधा चम्मच शहद मिला देना है और इसे दिन दो-तीन बार पी लेना है।

(8) दालचीनी से (Cinnamon)

  • दस्त को रोकने के लिए एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइन्फ्लेमेंट्री गुण दालचीनी में मौजूद रहते हैं।
  • जब शहद के साथ मिलाकर इसका सेवन करते हैं तो और बेहतर तरीके से असर दिखाता है।
  • इसके लिए आपको एक गिलास गुनगुना पानी लेकर इसमें आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिला देना है।
  • फिर इसमें शहद मिला देना है और इसे आराम से पीना है।
  • दिन में यदि आप दो से तीन बार इसे पी लेते हैं, तो आपको दस्त से आराम मिल जायेगा।

(9) सहजन से (Drum Stick)

  • सहजन के एक चम्मच पत्ते का रस आधा चम्मच शहद के साथ मिलाकर पीते रहें।
  • यह पेट के संक्रमण को दूर करता है।

(10) धनिया से (Coriander)

  • अधिक दस्त होने से मरीज को प्यास भी अधिक लगने लगती है।
  • 1 लीटर पानी में 1 चम्मच सूखा धनिया उबालें।
  • जब पानी आधा रह जाए तो पानी को छान लें, फिर ठंडा कर लें।
  • इसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मरीज को पिलाते रहें।

(11) कच्चे पपीते से (Unripe Papaya )

  • एक बार में कच्चे पपीते के 4-5 टुकड़े उबाल लें।
  • दिन में दो-तीन बार इन्हें खा लें।

(12) बेल से (Wood Apple)

  • दस्त में पके हुए बेल का गूदा रामबाण माना जाता है।
  • रोगी को पके हुए बेल का 1 चम्मच गूदा 1 कप ताजा दही के साथ मिलाकर खिलाएं।
  • दिन में दो-तीन बार ऐसा करें।

दस्त में क्या खाएं-पिएं? (What to eat in Loose Motion)

  • अनार शरीर की कमजोरी दूर करता है।
  • केला पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है।
  • संतरा, आलू, ओट्स व दाल जैसे फाइबर युक्त आहार लेते रहें।
  • स्ट्राॅबेरी में मौजूद फाइबर मल को सामान्य बनाता है।
  • ब्लूबेरी के सेवन से पेट के रोगाणु मरते हैं।
  • गाजर के जूस में मौजूद पेक्टिन दस्त को रोकता है।
  • विटामीन-बी से समृद्ध ब्राउन राइस आराम देता है।

दस्त में क्या नहीं खाएं-पिएं? (What not to eat in Loose Motion)

  • मसालेदार भोजन।
  • जंक फूड।
  • शराब।

दस्त न हो इसके लिए सावधानियां (Precautions to avoid Loose Motion)

  • व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें
  • भोजन की स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखें
  • भोजन पर मक्खियां न बैठने दें
  • भोजन करने से पहले हाथ-पैर के साथ मुंह को भी अच्छी तरह से धो लें।
  • पानी जमकर पीएं।
  • जंक फूड और मसालेदार भोजन का सेवन खाएं

नोटः यदि घरेलू उपायों से दस्त न रुके तो तत्काल अपने डाॅक्टर से संपर्क करें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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