लू लगने के कारण, लक्षण और उपचार
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Reasons, Symptoms and Treatment of Heat Stroke

गर्मी के मौसम में देश के कई हिस्से लू की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में लू से आखिर कैचे बचें, इसके क्या लक्षण हैं और यदि लू की चपेट में आ गये हैं, तो कैसे इसका उपचार करें, इन सभी के बारे में यहां हम आपको विस्तार से बता रहे हैं।

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क्या है लू? (What is the Loo?)
गर्मी के दिनों में उत्तर भारत में जो गर्म हवाएं चलती हैं, उसे लू कहते हैं। वैसे तो यह मई (May) से चलनी शुरू होती है और इसका प्रकोप जून (June) तक रहता है, लेकिन कई बार यह अप्रैल (April) में भी शुरू हो जाती है और कई बार जुलाई (July) तक खिंच जाती है।

ऐसे लगती है लू (This is how the Loo affects)

  1. तेज धूप या गर्मी में बिना शरीर को ठीक से ढके निकल जाने से।
  2. शरीर में पानी की कमी हो जाने पर।
  3. जिन घरों की छत टिन के शेड से बनी है।
  4. जो लोग तेज आग के सामने काम कर रहे हैं।
  5. तेज धूप में खेतों में काम करने से।
  6. शारीरिक रूप से कमजोर बुजुर्गों और बच्चों को।
  7. पानी (Water) कम पीने वालों को।
  8. जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है उन्हें भी लू लग जाती है।

लू लगने पर शरीर में होने वाला बदलाव (Changes in body when affected by the Loo)
दरअसल लू लग जाने पर शरीर में जो सिस्टम आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित करने का काम करती है, वह नाकाम हो जाती है। ऐसे में गर्मी शरीर में भर जाती है। किसी-न-किसी रूप में उसके बाहर आने की स्थिति में शरीर की ठंडक में कमी आ जाती है, जो लू लगने का कारण बनती है।

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ये होता है लू लगने पर (This is what happens when affected by the Loo)

  1. थकान (tiredness) महसूस होना।
  2. चक्कर आना।
  3. पसीना (sweat) अधिक आना।
  4. जी मिचलाने लगना।
  5. कमजोरी (weakness) का अनुभव होना।
  6. उल्टी होना।
  7. मांसपेशियों (muscles) में खिंचाव महसूस होना।
  8. सिर में दर्द (headache) होना।
  9. रक्त का दबाव (blood pressure) कम हो जाना।
  10. तलवे में जलन।

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ज्यादा गंभीर होने पर लू के लक्षण (Symptoms of the Loo when very serious)

  1. बेचैनी होने लगना।
  2. बुरे सपने देखना।
  3. दिल की धड़कनों का बढ़ जाना।
  4. शरीर का तापमान (temperature) ऊंचा बने रहना।
  5. बेहोशी (faint) तक आ जाना।
  6. त्वचा (skin) सूख जाना और गर्म हो जाना।
  7. प्यास (thirst) अधिक लगना।
  8. नाड़ी की दर भी बढ़ जाना।
  9. शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट (degree Fahrenheit) या इससे भी अधिक पहुंच जाना।

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लू से ऐसे बचें (Ways to protect yourself from the Loo)

  1. कच्चे आम का शर्बत यानी कि आम का पन्ना पीएं।
  2. बहुत जरूरी होने पर ही धूप में निकलें।
  3. बाहर निकलते वक्त या तो कपड़े से मुंह (mouth), नाक (nose) और सिर (head) आदि को ढक लें या फिर छाता ले लें।
  4. भोजन के साथ कच्चे प्याज (onion) का सेवन शुरू कर दें।
  5. इमली (tamarind) के पीसे बीज को पानी में घोलने के बाद कपड़े से छान कर उसमें शक्कर मिलाकर पीने से भी लू नहीं लगती है।
  6. कूटे हुए प्याज को भूनकर उसमें जीरा पाउडर (Jeera Powder) और चीनी (sugar) मिलाकर इसे खाएं। यह भी लू से बचायेगा।
  7. बाहर जा रहे हैं, तो खाली पेट (empty stomach) न जाएं।
  8. सूती कपड़े पहनेंगे तो लू लगने की आशंका कम होगी।
  9. नहाएं रोज और शरीर को जितना ठंडा (cold) रख सकें उतना बेहतर।
  10. कटे हुए फल जो बाजार में मिल रहे हैं, वे तो बिल्कुल न खाएं।
  11. ज्यादा पसीना निकले तो ठंडा पानी तुरंत पीएं।
  12. बेहतर होगा कि बाहर निकलते वक्त धूप से बचाव वाला चश्मा लगा लें।
  13. कोशिश करें कि पहने हुए कपड़े ज्यादा टाइट (tight) या फिर गहरे रंग (dark color) के न हों।
  14. पानी में ग्लूकोज (glucose) मिलाकर पीते रहना बेहतर होता है।
  15. बाहर से लौटे हैं, तो थोड़ी देर बाद शरीर का तापमान सामान्य (normal) होने पर ही पानी पीएं।

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लू लगने पर घरेलू उपचार (Home treatment of the Loo)

  1. नीम का पंचांग 10 ग्राम चूर्ण के रूप में लें। इसमें 10 ग्राम मिश्री मिलाएं और हरेक घंटे पर पानी के साथ पीएं।
  2. सीने पर ताजे प्याज का रस लगाएं।
  3. बाहर जाते वक्त जेब में प्याज रख लें। इसमें मौजूद पानी की मात्रा लू से बचाती है।
  4. नारियल (coconut) जिसमें जटा हो, उसे पीसकर दूध (milk) निकालें। इसमें काला जीरा मिला दें और पेस्ट बनाकर शरीर पर इसका लेप करें।
  5. दो चम्मच ग्लूकोज पाउडर के साथ छह चम्मच सौंफ का रस और दो बूंद पुदीने (pudina) का रस हरेक घंटे पर पिलाते रहें।
  6. तुलसी के पत्ते का रस निकालकर चीनी के साथ मिलाकर पीने से भी शरीर के तापमान को सामान्य करने में मदद मिलती है।
  7. एलोवेरा (Aloe vora) जूस भी बनाकर पिला सकते हैं। यह भी लू में आराम देता है।
  8. छाछ पीना शुरू कर दें।
  9. गुलाब की पंखुड़ियां दो ग्राम और दो ग्राम जावा के फूल को मिलाकर पीस दें। इसमें थोड़ा दूध और चीनी मिलाकर करीब एक हफ्ते तक इसे थोड़ी मात्रा में पीएं।
  10. जौ के आटे को प्याज के साथ पीस लें। इसका लेप बनाकर शरीर पर लगाएं।
  11. पेठा खाने से भी लू में राहत मिलती है।
  12. नारियल और टमाटर (tomato) की चटनी से भी आराम मिलेगा।
  13. धनिये का रस चीनी के साथ मिलाकर पीना भी बेहद लाभकारी होगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।

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