फूड प्वाइजनिंग के कारण, लक्षण, बचाव और टॉप 6 उपचार
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Reasons, symptoms and treatment of food poisoning

चटपटे और स्वादिष्ट चीजें खाने का मन भला किसका नहीं करता? कई बार ऐसा होता है कि अच्छे स्वाद के लिए आप कई ऐसे स्ट्रीट फूड खा लेते हैं, जिसकी वजह से आप फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो जाते हैं। इसकी वजह से उल्टी, दस्त और जी मिचलाने जैसी समस्या होने लगती है। समय रहते इसका उपचार ना करने पर यह कई बार घातक भी हो जाता है। आइए, यहां हम आपको फूड प्वाइजनिंग की वजह, इसके लक्षण और इसे ठीक करने के घरेलू उपायों के बारे में यहां बता रहे हैं।

फूड प्वाइजनिंग की वजह (Reasons behind food poisoning)

  • नोरोवायरस की वजह से हर साल बहुत से लोग फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आ जाते हैं।
  • यही नहीं, रोटावायरस वायरस और एस्ट्रोवायरस भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। हेपेटाइटिस ए वायरस की वजह से भी फूड प्वाइजनिंग हो जाती है।
  • सालमोनेला बैक्टीरिया को फूड प्वाइजनिंग का सबसे आम कारण माना जाता है। आधपके मांसाहार जैसे कि अंडा एवं चिकन आदि में यह अधिक मात्रा में पाया जाता है।
  • फूड प्वाइजनिंग के लिए ई-कोलाई बैक्टीरिया भी जिम्मेदार होता है और यह सलाद में ज्यादा मिलता है।
  • साथ ही बोटूलिनम और कैंफिलोबैक्टर बैक्टीरिया के कारण भी फूड प्वाइजनिंग हो जाती है।
  • फूड प्वाइजनिंग की वजह परजीवी भी कुछ मामलों में हो सकते हैं। ये परजीवी काफी समय तक पाचन तंत्र में रह जाते हैं, जो आसानी से पहचान में नहीं आते। विशेषकर वैसे लोग जिनकी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, इसके अधिक शिकार होते हैं।

फूड प्वाइजनिंग को कैसे पहचानें? (Symptoms of food poisoning)

  • पेट में दर्द महसूस होना।
  • जी मिचलाना
  • बार बार उल्टी आना
  • सिर में दर्द होना
  • पेट में ऐठन महसूस होना
  • दस्त लगना
  • बुखार आना

फूड प्वाइजनिंग को ठीक करने के घरेलू उपाय (Home remedies for food poisoning)

(1) तुलसी से (Tulsi)

  • एंटीमाइक्रोबॉयल गुण की वजह से फूड प्वाइजनिंग में तुलसी बड़ा काम आता है।
  • पेट को आराम पहुंचाने के साथ ही फूड प्वाइजनिंग के लक्षणों को यह दूर कर देता है।
  • इसके लिए आपको तुलसी के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लेना है और उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर इसे पी लेना है।
  • साथ ही आप एक कप पानी में तुलसी के तेल की एक बूंद मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।
  • दिन में तीन से चार बार ऐसा करने से आपको फूड प्वाइजनिंग से निजात मिल जाएगी।

(2) अदरक से (Ginger)

  • अदरक भी एंटीमाइक्रोबियल गुण से परिपूर्ण होते हैं, जिसकी वजह से यह पाचन तंत्र को ठीक करने में मददगार होता है।
  • जब इसके साथ आप शहद भी मिला देते हैं तो एंटीमाइक्रोबियल गुण के कारण फायदा दोगुना हो जाता है।
  • इसके लिए आपको एक से दो इंच अदरक के टुकड़े को पानी में डालकर उबाल लेना है और 5 मिनट तक अदरक को पानी में ही छोड़ने के बाद फिर इस पानी को छानकर ठंडा कर लेना है। इसमें फिर आपको शहद मिलाकर तुरंत पी जाना है।
  • चाहे तो आप अदरक के टुकड़े को चबाकर खा भी सकते हैं।
  • दिन में कम-से-कम तीन बार यदि आप इसे पीते हैं तो आपकी फूड प्वाइजनिंग की दिक्कत खत्म हो जाएगी।

(3) नींबू के रस से (Lemon)

  • एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण नींबू शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है।
  • साथ ही फूड प्वाइजनिंग के लिए जो विषाणु जिम्मेदार होते हैं, उनसे यह शरीर को निजात दिलाता है।
  • इसके लिए आपको एक गिलास पानी लेकर इसमें आधा नींबू को निचोड़ लेना है और इस पानी को पी लेना है।
  • चाहें तो स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।
  • यदि आप दो से तीन बार इसे पी लेते हैं तो फूड प्वाइजनिंग की समस्या खत्म होनी ही होनी है।

(4) लहसुन से (Garlic)

  • चूंकि लहसुन एंटी वायरस, एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुणों से परिपूर्ण होते हैं, ऐसे में ये भी फूड प्वाइजनिंग को ठीक करते हैं।
  • इसके लिए आपको दो या तीन छिली हुई लहसुन की कलियों को चबा लेना है। आप चाहें तो शहद मिलाकर भी लहसुन की कलियों को खा सकते हैं।
  • दिन में कम-से-कम एक बार आपको इसका सेवन जरूर करना है।
  • एक बार में आराम न मिले तो दो से तीन बार आप इसे खा सकते हैं।

(5) केला या फिर सेब से (Banana or Apple)

  • केले की खासियत है कि इसमें पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो कि फूड प्वाइजनिंग के वक्त होने वाले दस्त में बहुत फायदा पहुंचाता है।
  • केला की जगह आप सेब भी खा सकते हैं, क्योंकि यह सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स को कम करने में मददगार होता है, जिससे फूड प्वाइजनिंग में आपको राहत मिलती है।
  • केले के इस्तेमाल के लिए आपको एक कटोरी दही लेनी है, जिसमें एक केले को मैश कर लेना है। दिन में दो बार यदि आप इसे खाते हैं तो इससे फूड प्वाइजनिंग की समस्या से आपको आराम मिल जाएगा।

(6) पानी से (Water)

  • फूड प्वाइजनिंग के दौरान आपके शरीर में उल्टी और दस्त होने से पानी की कमी होने लगती है।
  • पानी ज्यादा कम हो जाए तो समस्या और बढ़ जाती है।
  • ऐसे में तरल पदार्थ आपके शरीर के लिए जरूरी होते हैं। इसलिए इस दौरान आपको खूब पानी पीना चाहिए, ताकि आपका शरीर हाइड्रेट होता रहे और उर्जा भी आपको मिलती रहे।
  • नारियल पानी भी आप फूड प्वाइजनिंग के दौरान पी सकते हैं।

फूड प्वाइजनिंग में क्या खाएं (What to eat in food poisoning)

  • बेहद हल्का भोजन करें जिसे कि पचाना आसान हो। उदाहरण के लिए आप गीला चावल और खिचड़ी आदि खा सकते हैं।
  • केला भी आप खा सकते हैं।
  • इस दौरान अंडे का आपको सफेद भाग ही खाना चाहिए। वैसे, tanman.org आपको मांसाहार खाने की सलाह नहीं देता, क्योंकि हमारा मानना है कि शाकाहार ही सर्वोत्तम होता है।
  • ओटमील भी आप खा सकते हैं।
  • पानी आपको लगातार पीते रहना चाहिए।
  • तरल चीजों का सेवन आपको अधिक करना चाहिए।

फूड प्वाइजनिंग में क्या न खाएं (What to avoid in food poisoning)

  • मसालेदार चीजों से बिल्कुल दूर रहें।
  • फाइबर वाली चीजें ना खाएं।
  • दूध या अन्य डेयरी उत्पाद का प्रयोग ना ही करें।
  • तली हुई चीजों से दूरी बना लें।
  • ज्यादा वसा वाली चीजें ना खाएं।
  • शराब ना पीएं।
  • काफी आदि से भी दूर रहें।

डॉक्टर के पास कब जाएं? When to see a doctor)

  • जब उल्टी बार-बार होने लगे।
  • कुछ भी खा रहे हों तो उल्टी हो जाए।
  • लगातार तीन दिन तक दस्त होता रहे।
  • पेट में बहुत तेज दर्द हो।
  • तेज बुखार रहने लगे।

फूड प्वाइजनिंग से बचाव (Tips to avoid food poisoning)

  • कुछ भी खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धो लें, ताकि कीटाणु आपके शरीर में ना चले जाएं।
  • सब्जियों और फलों को हमेशा धोकर ही इस्तेमाल में लाएं।
  • कोशिश करें कि रात का बचा हुआ खाना अगले दिन ना खाएं।
  • भोजन तैयार हो जाने के बाद उसे ज्यादा देर तक बाहर ना रहने दें। दो घंटे के अंदर उसे फ्रिज में रख दें तो बेहतर होगा।
  • जहां भोजन तैयार हो रहा है, वहां साफ-सफाई का खास ख्याल रखें।
  • गंदी जगहों पर बना भोजन बिल्कुल भी ना करें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।

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