मुल्तानी मिट्टी के 11 फायदे और इस्तेमाल की 7 सावधानियां
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Top 11 Benefits and 7 Precautions of Multani Mitti

मुल्तानी मिट्टी के बारे में यह बात तो बहुत से लोग जानते हैं कि त्वचा के लिए यह लाभदायक होता है, लेकिन यहां हम आपको बताएंगे कि त्वचा के साथ बालों और सेहत के लिए भी मुल्तानी मिट्टी किस तरह से लाभदायक होती है। इसके लाभों की वजह से ही घर से लेकर ब्यूटीपार्लर और स्किन केयर उत्पादों तक में इसका इस्तेमाल होता है।

आखिर क्या है मुल्तानी मिट्टी? (What is fuller’s earth)

  • मुल्तानी मिट्टी अल्युमिनियम सिलीकेट का हाइड्रेटेड रूप है, जो कि कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे धातु के अणुओं से युक्त होती है।
  • मुल्तानी मिट्टी में मोंटमोरिल्लोनाइट, एटापुलगाइट और पैलगोरोसाइट जैसे खनिज भी शामिल होते हैं, जो त्वचा से गंदगी को निकाल बाहर फेंकते हैं और खुजली आदि में भी आराम दिलाते हैं।

मुल्तानी मिट्टी के टॉप 11 फायदे (Top 11 Benefits of Fuller’s earth)

(1) त्वचा को चमकदार बनाता है

  • मुल्तानी मिट्टी से त्वचा को चमकदार बनाने के लिए आपको पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह से साफ करके तौलिए से पोछ लेना चाहिए।
  • इसके बाद प्लास्टिक या शीशे की किसी कटोरी में आपको एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच टमाटर का रस, एक चम्मच चंदन पाउडर और एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर इसका पेस्ट तैयार करके इसे चेहरे पर अच्छी तरह से लगाना चाहिए।
  • इस दौरान आपको ध्यान रखना है कि आपकी आंखों में और मुंह के आसपास की नाजुक त्वचा पर यह नहीं लगे।
  • करीब 15 मिनट तक इसे सूखने के लिए छोड़ कर आप भीगे तौलिए से इसे साफ करके गुनगुने पानी से अपने चेहरे को धो लें।
  • हफ्ते में एक या दो बार इसे लगाने से आपकी त्वचा से मृत कोशिकाएं हट जाएंगी और चेहरे पर चमक आ जाएगी। यही नहीं त्वचा में जो रोम छिद्र होते हैं, उन्हें यह फेसपैक खोलकर अशुद्धियों को निकाल बाहर फेंकता है।

(2) तैलीय त्वचा से निजात दिलाता है

  • मुल्तानी मिट्टी आपको तैलीय त्वचा से भी आजादी दिला सकता है। इसके लिए आपको सबसे पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह से पानी से धोकर तौलिए से पोछ कर सुखा लेना है।
  • इसके बाद एक कटोरी में आपको मुल्तानी मिट्टी लेनी है और इसमें थोड़ा गुलाब जल मिलाकर इसका पेस्ट बनाकर इसे अपनी आंखों और होठों के नीचे की नाजुक त्वचा को बचाते हुए पूरे चेहरे पर लगा लेना है।
  • जब यह अच्छी तरह से सूख जाए तो इसके बाद गीले तौलिए से इसे पोछ कर गुनगुने पानी से चेहरे को आपको धो लेना है।
  • हफ्ते में एक या दो बार इसे लगाने से आपकी त्वचा से तैलीय परत हट जाएगी।

(3) कील मुहांसों को दूर करता है

  • इसके लिए आपको दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा या फिर एक चम्मच हल्दी पाउडर और दो चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट तैयार कर लेना है।
  • चेहरे पर इसे लगाने से पहले आपको किसी क्लींजर से चेहरे को साफ कर लेना है।
  • इसे लगाने के बाद 15 से 20 मिनट में जब यह सूख जाए तो आपको गुनगुने या ठंडे पानी से अपने चेहरे को धो लेना है।
  • हफ्ते में दो से तीन बार ऐसा करने से आपके चेहरे पर जो कील मुंहासे होते हैं, वे धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं।
  • साथ ही यह त्वचा से गंदगी को निकाल बाहर फेकता है।
  • हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण वैसे भी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, जो कि त्वचा को मुहांसों के साथ कई तरह की समस्याओं से निजात दिलाते हैं।

(4) दाग-धब्बों को दूर करता है

  • एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी लेकर इसमें 2 चम्मच आलू का रस मिलाकर आपको पेस्ट बना लेना है।
  • चेहरे को पानी से साफ करने के बाद चेहरे पर मौजूद दाग धब्बों पर आपको इस पेस्ट को लगाना है।
  • करीब 15 मिनट तक इसे सूखने के लिए छोड़ देने के बाद गुनगुने पानी से इसे धो लेना है।
  • हफ्ते में एक से दो बार ऐसा करने से आपको चेहरे पर मौजूद दाग धब्बे से धीरे-धीरे निजात मिलनी शुरू हो जाएगी।
  • साथ ही यह त्वचा को नमी प्रदान करने के साथ-साथ इसे साफ भी करता है।
  • आलू के रस में दाग धब्बों को दूर करके त्वचा में निखार लाने का गुण मौजूद होता है।

(5) जलने और कटने का निशान हटाता है

  • आपकी त्वचा में भी यदि कहीं जलने और कटने का निशान है और वह दूर नहीं हो रहा है तो इसके लिए आपको एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच गाजर का पल्प और एक चम्मच जैतून का तेल मिलाकर इसका पेस्ट बना लेना है।
  • चेहरे को अच्छी तरह से धोकर और तौलिए से पोंछ कर आपको प्रभावित जगह पर इसे 15 मिनट के लिए लगाकर छोड़ देना है।
  • इसके बाद या तो तौलिए से या फिर किसी साफ कपड़े से इसे पोंछ लेना है।
  • दिन में एक से दो बार आप इसे कुछ दिनों तक लगाएंगे तो मुल्तानी मिट्टी में मौजूद औषधीय गुणों के कारण जो पुराने जले या कटे के निशान होते हैं, वे कम होने लगते हैं।

(6) रूसी दूर करता है

  • इसके लिए आपको 6 चम्मच मेथी के दानों को रात भर पानी में भिगोकर रखना है और सुबह इन दानों को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर इसमें चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर पैक बना लेना है।
  • इस पैक को आपको अपने स्कल्प पर लगाना है। ध्यान रखें कि बालों की जड़ से लेकर इसकी ऊपरी सिरे तक आपका यह पैक लगे।
  • करीब आधे घंटे तक इसे सूखने के लिए छोड़ कर आपको फिर इसे गुनगुने पानी से या फिर ठंडे पानी से शैंपू करते हुए इसे धो लेना चाहिए। इसे कपड़ों पर ना लगने दें।
  • हफ्ते में एक बार यदि आप इसका उपयोग करते हैं तो इससे रूसी की शिकायत दूर हो सकती है, क्योंकि मेथी के बीज रूसी को दूर करने में सबसे प्रभावी माने जाते हैं।
  • मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलकर ये स्कल्प से सभी अशुद्धि को बाहर कर देते हैं। साथ ही नींबू के रस में मौजूद हेयर फॉलिकल्स बालों के रोम को मजबूत बनाकर रूसी को कम करने में मददगार होते हैं।

(7) दो मुंहे बालों को दूर करता है

  • यदि आप दो मुंहे बालों की समस्या से परेशान हैं तो आपको रात में सोने से पहले तीन चम्मच जैतून का तेल लेकर इससे अपने बालों की मालिश कर लेनी चाहिए।
  • सुबह के वक्त आपको एक कप दही लेकर उसमें मुल्तानी मिट्टी चार चम्मच डालकर इसका पैक बना लेना है और इसे अपने बालों में लगाना है।
  • करीब 20 मिनट तक इसे लगे रहने दे कर बालों को फिर गुनगुने पानी से धो लेना है और अगले दिन बाल में शैंपू कर लेना है।
  • हफ्ते में एक बार ऐसा करने से दो मुंहे बालों की समस्या धीरे-धीरे खत्म होनी शुरू हो जाएगी।

(8) रूखे बालों से निजात दिलाता है

  • इसके लिए आपको चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा कप दही, आधा नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर पैक बना लेना है और इसे अपने स्कल्प पर लगाते हुए बालों की जड़ से लेकर ऊपरी सिरे तक इसे लगाना है।
  • करीब 15 से 20 मिनट के बाद आपको बालों को शैंपू से धोकर कंडीशनर लगा लेना है।
  • हफ्ते में एक से दो बार ऐसा करने से आपको लाभ दिखने शुरू हो जाएंगे।
  • दही बालों के लिए अच्छा कंडीशनर माना जाता है, जबकि शहद बालों में नमी को बरकरार रखता है। वहीं नींबू के रस में मौजूद विटामिन सी आपके स्कल्प को पोषण प्रदान करता है। इस तरह से आपके बाल स्वस्थ रहते हैं।

(9) गर्मी से राहत दिलाता है

  • मुल्तानी मिट्टी आपके शरीर से गर्माहट को बाहर निकाल कर शरीर को ठंडा करता है।
  • इसके लिए आपको तीन से चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी में ठंडा पानी जरूरत के हिसाब से मिलाकर पेस्ट तैयार कर लेना है और अपने शरीर पर लगाना है।
  • इसे अपनी छाती और गले पर न लगाएं, क्योंकि ठंडा होने के कारण सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
  • 15 से 20 मिनट के लिए इसे लगा छोड़कर इसके बाद गुनगुने पानी से धो लेने से आपको राहत मिलती है।
  • हफ्ते में दो से तीन बार आपको इसे लगाना चाहिए। साथ ही आप इसे तभी भी लगा सकते हैं जब आपको शरीर में जलन की समस्या होने लगे।

(10) एंटीसेप्टिक की तरह करता है काम

  • मुल्तानी मिट्टी की एक खासियत है कि इसमें एंटीसेप्टिक गुण भी मौजूद होते हैं।
  • इसकी वजह से यह गंदगी और संक्रमण को सोख कर आपकी त्वचा को साफ करके इसे स्वस्थ बनाता है।

(11) शरीर में रक्त का प्रवाह बनाए रखता है

  • मुल्तानी मिट्टी की खासियत है कि यह त्वचा को उत्तेजित कर देता है और इस तरह से रक्त के संचार को शरीर में बनाए रखता है।
  • शरीर में रक्त का संचार बेहतर बने रहने से शरीर बीमारियों की चपेट में आसानी से नहीं आता।
  • इसके लिए आपको दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच पानी मिलाकर इसका पेस्ट बना लेना है और शरीर के किसी भी अंग पर से लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ देना है।
  • इसके सूख जाने के बाद भीगे तौलिए या साफ कपड़े से इसे साफ कर लेना है। हर दिन इसे लगाने से आपको लाभ मिलता रहेगा।

मुल्तानी मिट्टी के इस्तेमाल से जुड़ी 5 सावधानियां (Top 5 Precautions for using Multani Mitti)

  • मुल्तानी मिट्टी को आपको गर्म जगह पर ना रखकर किसी ठंडी जगह पर जैसे कि फ्रिज आदि में रखना चाहिए। यह एयर टाइट डिब्बे में रखा जाना चाहिए।
  • ध्यान रखें कि जब आप मुल्तानी मिट्टी लगा रहे हैं तो यह आपके मुंह में नहीं जाए, क्योंकि इसकी वजह से किडनी स्टोन या फिर पेट में किसी तरह की समस्या हो सकती है।
  • मुल्तानी मिट्टी बेहद ठंडी होती है। इसलिए ठंड के मौसम में इसे ना लगाएं। साथ ही यदि सर्दी, खांसी और बुखार की चपेट में हों, तब भी इसका प्रयोग ना करें।
  • मुल्तानी मिट्टी से बना फेस पैक लगाने के बाद आपको इस पर मॉइस्चराइजर जरूर लगाना चाहिए, क्योंकि इससे आपकी त्वचा की नमी बरकरार रहती है।
  • यदि आपकी त्वचा रूखी है तो आपको मुल्तानी मिट्टी संभलकर लगानी चाहिए, क्योंकि यह आपकी त्वचा को और रुखा बना देती है। रूखी त्वचा वाले यदि मुल्तानी मिट्टी को इस्तेमाल में ला रहे हैं तो उन्हें इसमें थोड़ा बादाम का दूध मिला लेना चाहिए, जिससे त्वचा रूखी होने से बचेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।

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