तुरंत कराएं एचआईवी जांच यदि शरीर करे ये इशारे
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Go for HIV Test immediately if body gives these indications

एड्स (AIDS) बड़ी ही खतरनाक बीमारी है, जिसका अब तक इलाज नहीं ढूंढ़ा जा सका है। एक बार यदि एड्स की चपेट में आ जाएं तो फिर जिंदगी दुश्वार हो जाती है, क्योंकि इसके बाद शरीर में समस्याओं का अंबार लग जाता है। इसलिए एड्स के लिए कहते हैं, सावधानी ही बचाव।

क्या है एड्स? (What is AIDS)

  • इसका पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी (Acquired Immunodeficiency Syndrome)है।
  • जिसे एड्स होता है उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (immune power) समाप्त हो जाती है।
  • इस वजह से बीमारियों (diseases) से अपनी रक्षा कर पाने में शरीर नाकाम हो जाता है।
  • छोटी बीमारियों जैसे कि सर्दी-जुकाम से लेकर से बड़ी बीमारियां जैसे कि क्षय रोग तक शरीर में घर करनी शुरू हो जाती हैं।
  • एचआईवी (HIV) वायरस की वजह से एड्स होता है।
  • लसिका-कोशो खून में उपस्थित एक ऐसा प्रतिरोधी पदार्थ है, जो शरीर को बीमारियों से बचाता है। एचआईवी वायरस इसी पर हमला कर देता है।

एड्स होने की वजह (Reasons behind AIDS)

  • असुरक्षित यौन संबंध (unsafe sex) की वजह से।
  • संक्रमित सुईयों (infected injections) के इस्तेमाल से।
  • संक्रमित व्यक्ति का खून (blood) असंक्रमित व्यक्ति को चढ़ा देने पर।
  • यदि गर्भवती महिला को एड्स है, तो बच्चे में भी इसका वायरस जा सकता है।

एड्स के इशारे (Symptoms of AIDS)

  1. सूखी खांसी (dry cough) यदि हो रही हो यानी कि खांसी के बिना भी मुंह में कफ आता रहे तो यह एड्स का संकेते है।
  2. मुंह का स्वाद भी हमेशा खराब रहने लगता है।
  3. मांसपेशियों (muscles) में खिंचाव महसूस होता रहता है।
  4. बिना किसी तरह का शारीरिक या मानसिक श्रम किये भी शरीर में थकावट (tiredness) महसूस होना।
  5. पानी ठीक से पीने पर भी लगातार गला पका रहे यानी कि खराश होती रहे तो यह भी एड्स की ओर इशारा करता है।
  6. शरीर के कई हिस्सों विशेषकर गले, जांघ आदि में बिना दर्द वाली गिल्टियां हो जाएं, तो यह भी एड्स का ही संकेत होता है।
  7. वजन (weight) तेजी से नहीं घटता, मगर धीरे-धीरे प्रभाव पड़ना शुरू हो जाता है।
  8. वजन में यदि अचानक से 10 फीसदी तक की कमी आ जाए तो भी एड्स हो सकता है।
  9. बुखार का भी हर दो-तीन दिन पर आ जाना।
  10. बुखार (fever) का एक माह तक बने रहना भी इसका संकेत हो सकता है।
  11. इसमें तेज बुखार (high fever) भी आता है।
  12. सिर में दर्द (headache) बने रहना। शाम होते-होते बढ़ जाता है।
  13. जोड़ों में हमेशा दर्द (pain in joints) बने रहना।

ऐसे होती है एड्स की जांच (AIDS Test)

यदि उपरोक्त वर्णित लक्षण आपको अपने या परिवार के किसी सदस्य में दिखाई दें तो आपको तुरंत इसकी जांच करा लेनी चाहिए। यहां हम आपको इसकी जांच के बारे में बता रहे हैं।

  • एचआईवी एलिइजा एंटीबॉडी टेस्ट का इस्तेमाल एड्स के संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • इसके अलावा वेस्टर्न ब्लोर टेस्ट भी इसे बेहद सटीक तरीके से पकड़ता है।
  • एड्स के इलाज के दौरान अवस्था का पता लगाने और दवा (medicines) कब शुरू करनी है, ये सब पता लगाने के लिए सीडी-4 सेल काउंट और आरएनए काॅपीज टेस्ट करवाया जाता है।
  • इलाज के दौरान थोड़े महंगे हाइली एक्टिव एंटीरिट्रोवायरल थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।

एड्स का इलाज (Treatment of AIDS)

  • फिलहाल इसके इलाज के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं है।
  • उपलब्ध दवाईयों केवल बीमारी को कम करती हैं, खत्म नहीं कर सकतीं।
  • उपचार में देरी हुई तो बीमारी को कम करने वाली दवाएं भी असर नहीं करतीं।
  • जाइडोव्यूजडीन, ड्राईडानोसीन स्टाव्यूडीन, एजेडटी, एजीकोथाइमीडीन जैसी महंगी दवाएं उपलब्ध हैं, जो इसके वायरस के असर को करती हैं।
  • एड्स का टीका (vaccine) अब तक उपलब्ध नहीं है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।

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