थायराइड के कारण, लक्षण, प्रकार और टॉप 8 घरेलू उपचार
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How to treat thyroid at home naturally

आज की व्यस्त जीवनशैली में थायराइड की समस्या आम हो गई है। पुरूषों से ज़्यादा थायराइड की समस्या महिलाओं में देखने को मिल रही है। बात करें डॉक्टर के इलाज की, तो अंग्रेजी दवाइयों में तो ऐसा है कि पूरे जीवन बस दवाई लेते रहो। इसलिए यहां हम आपको थायराइड से जुड़ी हर एक जानकारी देंगे, ताकि आप इसका घर पर ही उपचार कर सकें।

थायराइड क्या होता है?

असल में थायराइड गले में पाए जाने वाली एक ग्रंथी है, जो तितली के आकार की होती है। यह ग्रंथी टी-3 यानी ट्राईआयोडोथायरोनिन (Triiodothyronine)और टी-4 यानी थायरॉक्सिन (Thyroxin) नाम के दो हार्मोन बनाती है। इन हार्मोन के प्रवाह को मस्तिष्क से निकलने वाला हार्मोन यानी थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) नियंत्रित करता है। ये सभी हार्मोन हमारे शरीर की कई गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। हम जो भोजन करते हैं, उसको एक तरह की उर्जा में बदलने का काम यही हार्मोन करते हैं।

इन हार्मोन का हमारे शरीर में काफी असर पड़ता है, जैसे कि हमारा पाचन तंत्र, हमारी सांस, हृदय गति को नियंत्रित करने के साथ-साथ हमारे शरीर के तापमान को भी यही नियंत्रित करता है। साथ ही ये हड्डियों, मांसपेशियों और कोलेस्ट्रोल को भी संतुलित रखता है। जब ये हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, तो इंसान के शरीर का वजन कम या ज्यादा होने लगता है। इसी समस्या को थायराइड की बीमारी कहते हैं।

थायराइड के प्रकार:

  1. हाइपरथायराइडिज्म: इस परिस्थिति में थायराइड ग्रंथ अधिक सक्रिय हो जाती है जिसकी वजह से थायराइड हार्मोन का अधिक मात्रा में बहाव होने लगता है। धूम्रपान और अधिक तनाव से दूर रह कर और संतुलित आहार का सेवन करके आप हाइपरथायराइडिज्म से बच सकते हैं।
  2. हाइपोथायराइडिज्म: इस परिस्थिति में थायराइड ग्रंथ समान्य से कम मात्रा में थायराइड हार्मोन का बहाव करती है। असल में ये जेनेटिक और हार्मोनल कारणों से होता है। लेकिन पर्याप्त मात्रा में आयोडीन लेकर और संतुलित आहार की मदद से आप इस समस्या से बच सकते हैं।

हाइपरथायराइडिज्म होने के क्या लक्षण हैं:

  • वजन का कम होना
  • तनाव लेना, घबराहट महसूस करना, पल-पल मूड बदलते रहना
  • सांस फूलना
  • दिन भर शरीर थका हुआ लगना
  • गर्मी ज्यादा लगना
  • नींद न आना
  • प्यास अधिक लगना
  • आंखों में लालपन और सूखापन होना
  • बालों का झड़ना और पतला होना

हाइपोथाइराइडिज्म होने के क्या लक्षण हैं:

  • वजन का लगातार बढ़ना
  • थकान महसूस करना
  • नाखून कमज़ोर होना
  • त्वचा का रूखा और पतला होना
  • बालों का झड़ना
  • सर्दी ज्यादा लगना
  • तनाव लेना
  • मांसपेशियों में अकड़न हो जाना
  • गला बैठना

थायराइड से बचने के लिए 8 घरेलू उपाय

  1. दही और दूध का सेवन: थायराइड पीड़ित व्यक्तियों को दही और दूध का सेवन ज्यादा मात्रा में करना चाहिए। क्योंकि दही और दूध में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं जो कि शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  2. फल और सब्जियों का सेवन: थायराइड ग्रस्त लोगों को फल और हरी सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। सब्जी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंटस थायराइड को बढ़ने नहीं देता है और इससे थायराइड की समस्या से निजात मिल जाता है। हालांकि ब्रोकली, फूलगोभी और पत्ता गोभी से परहेज करें।
  3. फलों का रस: फलों के रस से थायराइड काफी हद तक कम हो जाता है। जैसे कि नारियल पानी, पत्तागोभी, अनानास, संतरा, सेब, गाजर, चकुन्दर और अंगूर का रस पीने से बहुत लाभ मिलता है।  
  4. साबुत धनिया का उपयोग: रात के समय में एक गिलास पानी में 2 चम्मच साबुत धनिया को भिगो के रख दें। फिर सुबह उठकर इस पानी को उबाल लें और पानी जब एक चौथाई रह जाए तो उसे खाली पेट पी लें। यह घरेलू उपाय थायराइड में काफी कारगर साबित होगा।
  5. मुलेठी का सेवन: जिन लोगों को थायराइड की समस्या होती है, उन्हें थकावट बहुत जल्दी-जल्दी होने लगती है। मुलेठी में मौजूदा तत्व थायराइड ग्रंथियों को संतुलित रखने में मदद करता है और यही नहीं थकान को उर्जा में तब्दील कर देता है।
  6. गेहूं, ज्वार और बाजरे की रोटी : गेहूं के आटे में ज्वार और बाजरा का आटा मिलाकर बनाई गई रोटी खाने से थायराइड से राहत मिलती है। इसके लिए 5 किलो गेहूं के आटे में एक-एक किलो ज्वार और बाजरे का आटा मिला लें। फिर इसी की रोटी बनाकर खाएं।
  7. अदरक का सेवन: अदरक में मौजूद पोटेशियम, मैग्नीश्यिम आदि थायराइड की समस्या से निजात दिलाते हैं। अदरक अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण थायराइड को बढ़ने से रोकता है।
  8. उज्जायी प्राणायाम : थायराइड की समस्या के उपचार के लिए उज्जायी प्राणायाम भी काफी कारगर समझा जाता है। अगर इस प्राणायाम को हर रोज नियमपूर्वक किया जाए तो थायराइड की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है।

थायराइड के मरीज बरतें ये सावधानियां

  • अपना वजन न बढ़ने दें। वजन बढ़ने से थायराइड की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
  • लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी के साथ समय न बिताएं।
  • लेटे-लेटे भोजन न करें।
  • तकिया न लगाएं और यदि लगाएं तो बेहद पतले तकिया का इस्तेमाल करें।
  • नींद से समझौता न करें और भरपूर नींद लें।
  • सिगरेट, शराब या अन्य किसी भी प्रकार के नशे से बचें।
  • हर 5-6 महीने में अपनी थायराइड की जांच कराते रहें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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