विटामिन डी की कमी से महिलाओं को हो जाती हैं ये 7 गंभीर समस्याएं
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7 health problems in women due to deficiency of Vitamin D

पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि लगभग हर महिला विटामिन डी की कमी से ग्रसित है. सुनने में ऐसा लगता है कि ये कोई आम कमी है, जो आसानी से दूर की जा सकती है. लेकिन दरअसल विटामिन डी कोई विटामिन ना होकर एक हारमोन है, जिसकी कमी से महिलाओं को गंभीर से गंभीर बीमारी भी अपना शिकार बना सकती है. आज दुनिया की 80% जनसंख्या विटामिन डी की कमी से पीड़ित है. आखिर क्या है ये विटामिन डी? और इसका हमारे शरीर में क्या काम है? आइये जानते हैं-

विटामिन डी क्या है

विटामिन डी शरीर में मौजूद एक ऐसा होरमोन होता है, जो कि शरीर के प्रत्येक होरमोन को नियंत्रित करने का काम करता है. ये हमारे रक्त के कणों में मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और इसके साथ ही साथ गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सहायक होता है. विटामिन डी सबसे अधिक सूरज की किरणों से प्राप्त होता है. आजकल समय के अभाव और घरों में सूर्य का प्रकाश न पहुँच पाने के कारण लगभग सभी को विटामिन डी की कमी से जूझना पड़ रहा है और अधिकतर महिलाएं इस समस्या का शिकार हैं.

विटामिन डी की कमी से होने वाली समस्याएं

आम तौर पर हमें लगता है कि सूरज का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में शरीर में ना पहुँचने से कोई अधिक परेशानी नहीं होती है, लेकिन असल में यही गंभीर से गंभीर बीमारियों की जड़ है. विटामिन डी की कमी से ख़ास तौर पर महिलाऐं बहुत सी गंभीर बीमारियों से प्रताड़ित हो जाती हैं. आइये जानते हैं कि कौन सी हैं वो समस्याएँ, जो विटामिन डी की कमी से महिलाओं को होती हैं-

1. थायराइड: आज के दौर में बड़ी संख्या में महिलाएं थायराइड की समस्या से जूझ रही हैं. थायराइड दरअसल गले के बीच में मौजूद एक ग्रंथि होती है, जो शरीर में टी-3 और टी-4 नामक होरमोंस को रिलीज़ करता है. जब ये ग्रंथि एक बीमारी का रूप ले लेती है, तब इसके प्रभाव से या तो वज़न बढ़ने लगता है या घटने लगता है. इसके परिणामस्वरूप महिलाओं में थकान, सूजन, चिड़चिड़ापन और अनियमित माहवारी की समस्या भी जन्म ले लेती है. यदि नियंत्रण न किया जाए तो ये बीमारी बेहद गंभीर रूप भी ले सकती है. थायराइड की असली वजह शरीर में विटामिन डी की कमी होती है. नियमित रूप से थायराइड की दवाई के साथ विटामिन डी के सप्लीमेंट अपने डॉक्टर की सलाह पर लेने से आपकी ये समस्या काफी हद तक नियंत्रण में लाई जा सकती हैं.

2. एलर्जी: यदि कुछ समय से आप महसूस कर रही हैं कि आपको बहुत अधिक एलर्जी की समस्या रहती है, बहुत छीकें आती हैं और गले में हमेशा ही ख़राश रहती है, तो निश्चित तौर पर आपको विटामिन डी की कमी है. जैसा कि पहले भी बताया गया है कि विटामिन डी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और उसकी कमी से रोग आसानी से आपको अपनी चपेट में ले सकते हैं. एलर्जी सबसे सामान्य बीमारी है जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम होने से होती है. इसकी वजह से कई महिलाओं को हल्का बुख़ार और शरीर दर्द भी रहता है. इसके लिए अपने डॉक्टर से जल्दी से जल्दी परामर्श लें और समस्या का समाधान करें.

3. कैल्शियम की कमी: अक्सर सुनने में आता है कि महिलाओं को रोज़ाना दूध और दूध से बनी सामग्री ग्रहण करनी चाहिए, क्योंकि 40 वर्ष की आयु के बाद हड्डियों में कमज़ोरी की परेशानी हो जाती है. लेकिन देखा गया है कि पर्याप्त मात्रा में दूध और उससे बनी सामग्री लेने के बावजूद भी शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है. ऐसा तब होता है जब शरीर में विटामिन डी कम होता है. दरअसल विटामिन डी कैल्शियम को सोखने का काम करता है और उसके बाद वो कैल्शियम को रक्त के ज़रिये हड्डियों में पहुंचता है. विटामिन डी की कमी से हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और थोड़े से ही आघात से टूट भी जाती हैं. महिलाओं में अत्यधिक पीठ दर्द की समस्या रहने के पीछे का कारण भी विटामिन डी की कमी ही होता है और घुटने के दर्द की समस्या भी विटामिन डी की कमी से जुड़ी हुई होती है.

4. त्वचा रोग: शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी ना होने पर आपको त्वचा सम्बन्धी समस्याएँ भी होनी शुरू हो जाती हैं. विटामिन डी की कमी होने पर या त्वचा अत्याधिक तैलीय हो जाती है या फिर अत्याधिक शुष्क. दोनों ही सूरतों में ये आपके लिए अच्छा नहीं है. तैलीय त्वचा होने से त्वचा पर पर इन्फेक्शन और कील मुहांसे होने का ख़तरा रहता है और अधिक सूखेपन से त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं और त्वचा में ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम हो जाती है. जिससे समय से पहले ही झुर्रियां हो जाती हैं.

5. वजन बढ़ना: महिलाओं की अक्सर ये शिकायत होती है कि पूरे दिन इतने शारीरिक श्रम करने के बावजूद भी वज़न बढ़ना कम नहीं होता. आपको जानकार अचरज होगा कि वज़न बढ़ने की समस्या भी विटामिन डी की कमी से जुड़ी हुई होती है. जिन महिलाओं का वज़न बहुत जल्दी बढ़ जाता है और मुश्किल से कम होता है, वो विटामिन डी की कमी से जूझ रही होती हैं. विटामिन डी अन्य होरमोंस के साथ-साथ भूख लगाने और शरीर के फैट को जमा करने वाले होरमोन को भी प्रभावित करता है.

6. बालों का झड़ना: आज लगभग 80% महिलाएं बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं. वैसे तो बालों के झड़ने की समस्या को हमेशा अनुवांशिकता और चिंता से जोड़ा जाता है, जो कि निराधार नहीं है. लेकिन इसके अलावा बाल झड़ने की समस्या विटामिन डी की कमी से भी होती है. यदि आपके बाल बहुत अधिक झड़ रहे हैं, तो हमारा सुझाव है कि आप डॉक्टर से परामर्श लें और विटामिन डी का टेस्ट करवाएं.

7. डिप्रेशन: पीरियड या मेनोपोज़ के समय अधिकतर महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण देखे जाते हैं, जो कि उनको ख़ुद को भी पता नहीं होता है. दरअसल उसका मुख्य कारण विटामिन डी की कमी होता है. अधिकतर बुज़ुर्ग महिलाओं में विटामिन डी की कमी से ये समस्या देखने को मिलती है. सिर्फ विटामिन डी के सप्लीमेंट लेने से ही डिप्रेशन की समस्या में फर्क देखने को मिलता है.

इनके अलावा भी विटामिन डी की कमी से अनेकों समस्याएँ देखने को मिलती हैं.

तनमन.ओआरजी की सलाह

हमारा सुझाव है कि यदि संभव हो तो दिन में कम से कम 20 मिनट के लिए सुबह की हल्की धूप ज़रूर लें ताकि आप इस समस्या से बचे रहें. यदि आपको विटामिन डी की कमी है तो अपने डॉक्टर के परामर्श पर ही साप्ताहिक दवाई लें.

अस्वीकरण (Disclaimer):

इस वेबसाइट पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए हैं और ये पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं या ऐसी किसी समस्या का आपको संदेह है, तो अपने पारिवारिक चिकित्सक या अन्य उपयुक्त चिकित्सक से परामर्श करें। यदि आप किसी हेल्थ इमरजेंसी का सामना कर रहे हैं या इसका आपको संदेह है, तो कृपया अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएं।



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